।। ॐ नमः शिवाय — द्वादश ज्योतिर्लिंग एवं सिद्ध शक्तिपीठ, बाबा बैद्यनाथ धाम देवघर ।।Om Namah Shivaya — Sacred Dwadash Jyotirlinga & Shakti Peetha, Baba Baidyanath Dham Deoghar
धार्मिक ज्ञानReligious Knowledge 1 सितंबर 2026

रुद्राक्ष धारण करने के नियमRules for Wearing Rudraksha

प्रामाणिक रुद्राक्ष कौन सा चुनें, कैसे धारण करें और किन नियमों का पालन करें।Which authentic Rudraksha to choose, how to wear it, and which rules to follow.

रुद्राक्ष क्या है?

रुद्राक्ष भगवान शिव का प्रतीक है। इसे शिव के अश्रुओं से उत्पन्न माना जाता है। बाबा बैद्यनाथ धाम से प्रामाणिक रुद्राक्ष उपलब्ध हैं।

रुद्राक्ष के प्रकार

  • एक मुखी — शिव स्वरूप, सर्वश्रेष्ठ
  • दो मुखी — शिव-शक्ति स्वरूप
  • तीन मुखी — अग्नि देव
  • पंचमुखी — सबसे लोकप्रिय, महादेव स्वरूप
  • ग्यारह मुखी — रुद्र स्वरूप

धारण करने के नियम

  1. शुभ मुहूर्त — श्रावण मास, शिवरात्रि या सोमवार को धारण करें
  2. स्नान करें — स्वच्छ होकर रुद्राक्ष धारण करें
  3. गंगाजल से शुद्ध करें — नए रुद्राक्ष को गंगाजल में भिगोएँ
  4. मंत्र जाप — ॐ नमः शिवाय का 108 बार जाप करें
  5. सूत्र में धारण करें — लाल या काले धागे में पिरोकर पहनें

किन नियमों का पालन करें

  • मांस-मदिरा का सेवन न करें
  • स्नान के समय उतारें (वैकल्पिक)
  • किसी को छूने न दें
  • शौचालय में न पहनें
  • सोते समय पहने रह सकते हैं

रुद्राक्ष के लाभ

  • मानसिक शांति
  • रक्तचाप नियंत्रण
  • नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा
  • आध्यात्मिक विकास
  • शिव कृपा प्राप्ति

बाबा बैद्यनाथ धाम के स्टोर से प्रामाणिक रुद्राक्ष खरीदें।