पूजा विधिPuja Vidhi 10 सितंबर 2026
रुद्राभिषेक: विधि, मंत्र और महत्वRudrabhishek: Vidhi, Mantra & Significance
जानें रुद्राभिषेक पूजा की संपूर्ण विधि, प्रयुक्त मंत्रों और इसके आध्यात्मिक महत्व के बारे में।Learn the complete procedure of Rudrabhishek puja, the mantras used, and its spiritual significance.
रुद्राभिषेक क्या है?
रुद्राभिषेक भगवान शिव की विशेष पूजा है जिसमें शिवलिंग पर जल, दूध, शहद, गंगाजल और अन्य पवित्र सामग्री अर्पित की जाती है। बाबा बैद्यनाथ धाम में यह पूजा विशेष रूप से प्रभावशाली मानी जाती है।
रुद्राभिषेक की विधि
- स्नान और शुद्धिकरण — सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- संकल्प — पूजा का संकल्प लें और शिवलिंग के समक्ष बैठें।
- आवाहन — भगवान शिव का आवाहन करें।
- अभिषेक — शिवलिंग पर क्रमशः जल, दूध, दही, शहद, घी, चीनी, गंगाजल अर्पित करें।
- मंत्र जाप — रुद्राष्टाध्यायी या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
- आरती और प्रसाद — अंत में आरती करें और प्रसाद वितरित करें।
प्रमुख मंत्र
महामृत्युंजय मंत्र:
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
रुद्राष्टाध्यायी — 11 अध्यायों में विभाजित, प्रत्येक अध्याय में 5 मंत्र हैं।
रुद्राभिषेक का महत्व
- मनोकांक्षाओं की पूर्ति
- समस्त पापों से मुक्ति
- स्वास्थ्य लाभ
- परिवार में सुख-शांति
- आध्यात्मिक जागरण
बाबा बैद्यनाथ धाम में रुद्राभिषेक करवाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग उपलब्ध है।