पूजा विधिPuja Vidhi 15 अगस्त 2026
नवरात्रि पूजा मार्गदर्शिकाNavratri Puja Guide
नवरात्रि के नौ दिनों में कैसे करें माँ दुर्गा की पूजा, प्रत्येक दिन का महत्व और विधि।How to worship Maa Durga during the nine days of Navratri, significance of each day and procedure.
नवरात्रि क्या है?
नवरात्रि माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा का पर्व है। यह वर्ष में चार बार आता है — चैत्र, आषाढ़, अश्विन और माघ।
नौ दिन, नौ देवियाँ
- प्रथम — शैलपुत्री — पर्वतों की पुत्री, बैल पर सवार
- द्वितीय — ब्रह्मचारिणी — तपस्विनी स्वरूप
- तृतीय — चंद्रघंटा — स्वर्ण आभूषणों से सुशोभित
- चतुर्थ — कूष्मांडा — ब्रह्मांड की स्थापित करने वाली
- पंचम — स्कंदमाता — कार्तिकेय की माँ
- षष्ठ — कात्यायनी — अत्यंत सुंदर स्वरूप
- सप्तम — कालरात्रि — अंधकार का नाश करने वाली
- अष्टम — महागौरी — श्वेत वस्त्रधारिणी
- नवम — सिद्धिदात्री — सिद्धियों की दात्री
पूजा विधि
- कलश स्थापना — प्रथम दिन कलश स्थापित करें
- नित्य पूजा — प्रतिदिन प्रातःकाल स्नान करके पूजा करें
- दुर्गा सप्तशती — प्रतिदिन पाठ करें
- हवन — नवमी को हवन करें
- कन्या पूजन — नवमी को कन्याओं को भोजन कराएँ
नवरात्रि में व्रत के नियम
- सात्विक भोजन ग्रहण करें
- फल, दूध, कुट्टू का आटा, सेंधा नमक
- मांस, प्याज, लहसुन का परित्याग
- पंचमी और नवमी को कन्या पूजन अनिवार्य
नवरात्रि में बाबा बैद्यनाथ धाम में विशेष पूजा का आयोजन होता है।