त्योहारFestival 1 अगस्त 2026
महाशिवरात्रि: शिव की रातMahashivratri: The Great Night of Shiva
महाशिवरात्रि का महत्व, व्रत विधि, और बाबा बैद्यनाथ धाम में इस पावन अवसर की विशेषता।Significance of Mahashivratri, fasting procedure, and special features at Baba Baidyanath Dham.
महाशिवरात्रि क्या है?
महाशिवरात्रि फाल्गुन मास की चतुर्दशी को मनाया जाने वाला शिव का सबसे बड़ा पर्व है। यह “शिव की महान रात” है।
महाशिवरात्रि का महत्व
- भगवान शिव और माँ पार्वती का विवाह
- शिव ने विष पिया — नीलकंठ बने
- शिव ने तांडव नृत्य किया
- मोक्ष प्राप्ति का सबसे शुभ अवसर
व्रत विधि
- उपवास — एक दिन का निर्जला व्रत या फलाहार
- स्नान — प्रातःकाल गंगाजल से स्नान
- शिवलिंग पूजा — बेलपत्र, धतूरा, भांग अर्पित
- रात्रि जागरण — चार प्रहर की पूजा
- मंत्र जाप — ॐ नमः शिवाय का अखंड जाप
चार प्रहर की पूजा
- प्रथम प्रहर — शिवलिंग पर जल और दूध अर्पित
- द्वितीय प्रहर — दही और शहद से अभिषेक
- तृतीय प्रहर — घी और चीनी से अभिषेक
- चतुर्थ प्रहर — शुद्ध जल से अभिषेक
बाबा बैद्यनाथ धाम में महाशिवरात्रि
महाशिवरात्रि पर बाबा बैद्यनाथ धाम में:
- विशेष रुद्राभिषेक
- रात्रि जागरण कार्यक्रम
- भजन-कीर्तन
- लाखों श्रद्धालुओं का दर्शन
महाशिवरात्रि पर बाबा बैद्यनाथ धाम का दर्शन अत्यंत पुण्यदायी है।