त्योहारFestival 10 अगस्त 2026
दिवाली: अंधकार पर प्रकाश की विजयDiwali: Victory of Light over Darkness
दिवाली कैसे मनाएँ, लक्ष्मी पूजा की विधि, और बाबा बैद्यनाथ धाम में दिवाली की विशेषता।How to celebrate Diwali, Lakshmi Puja procedure, and special features of Diwali at Baba Baidyanath Dham.
दिवाली क्या है?
दिवाली अंधकार पर प्रकाश की विजय का पर्व है। यह कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है। दीपावली का अर्थ है “दीपों की पंक्ति”।
दिवाली के पाँच दिन
- धनतेरस — स्वास्थ्य और धन की पूजा
- नरक चतुर्दशी — राक्षस नरकासुर का वध
- दिवाली — मुख्य पर्व, लक्ष्मी पूजा
- गोवर्धन पूजा — गोवर्धन पर्वत की पूजा
- भाई दूज — भाई-बहन का प्रेम
लक्ष्मी पूजा विधि
- शुद्धिकरण — घर की सफाई करें
- कलश स्थापना — लक्ष्मी के लिए कलश स्थापित करें
- दीप प्रज्ज्वलन — गणेश और लक्ष्मी के समक्ष दीप जलाएँ
- मंत्र जाप — ॐ महालक्ष्म्यै नमः का जाप करें
- आरती — लक्ष्मी आरती करें
- प्रसाद — मिठाई वितरित करें
दिवाली में क्या करें
- घर में दीप जलाएँ
- रंगोली बनाएँ
- मिठाइयाँ बाँटें
- परिवार के साथ समय बिताएँ
- दान-दक्षिणा करें
बाबा बैद्यनाथ धाम में दिवाली
दिवाली के अवसर पर बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर को दीपों और फूलों से सजाया जाता है। विशेष लक्ष्मी पूजा और आरती का आयोजन होता है।
दिवाली पर बाबा बैद्यनाथ धाम का दर्शन अत्यंत शुभ माना जाता है।